Ek aisi woman jiska YouTube channel hai, sirf 5 lakh subscribers ke saath…
Lekin usne kama liye ₹104 crore sirf 5 saalon me!
अस्मिता पटेल, एक ऐसा नाम जो ट्रेडिंग की दुनिया में “She-Wolf of Stock Market” और “Options Queen” के नाम से मशहूर हो चुकी थीं। लेकिन आज SEBI की एक रिपोर्ट ने उनके झूठ का पर्दाफाश कर दिया है।
सवाल ये है कि सिर्फ 5 लाख सब्सक्राइबर होने के बावजूद उन्होंने ₹104.6 करोड़ का स्कैम कैसे कर लिया?
इस ब्लॉग में हम जानेंगे:
- अस्मिता पटेल कौन हैं?
- उन्होंने लोगों को कैसे फंसाया?
- SEBI ने उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की?
- और इस घोटाले में फंसे असली लोगों की दर्दनाक कहानियाँ।

अस्मिता पटेल कौन हैं? Who is Asmita patel ?
अस्मिता पटेल एक गुजराती परिवार से हैं और मुंबई में रहती हैं। उन्होंने कभी किसी प्रोफेशनल संस्थान से ट्रेडिंग नहीं सीखी। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने ट्रेडिंग में रुचि लेना शुरू किया और खुद की एक “Trend-Following & Objective Trading Strategy” बनाई।
2019 में उन्होंने अपनी कंपनी शुरू की:
AGSTPL – Asmita Patel Global School of Trading Pvt. Ltd.
स्ट्रेटेजी और ब्रांडिंग का खेल “The Game of Strategy and Branding”
अस्मिता ने खुद को “15 मिनट डेली ट्रेडिंग एक्सपर्ट” के रूप में ब्रांड किया।
उनका दावा था कि उनका सिस्टम बिना किसी इंडिकेटर के सिर्फ प्राइस-एक्शन पर काम करता है।
अस्मिता ने दावा किया कि उनके पास 17 साल का ट्रेडिंग अनुभव है और उनकी “प्राइस-एक्शन” आधारित ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी 15 मिनट प्रतिदिन में बिना इंडिकेटर्स या पैटर्न्स के काम करती है
इसके बाद शुरू हुआ सोशल मीडिया का खेल:
- YouTube और Instagram पर भारी-भरकम विज्ञापन
- सेलेब्रिटी के साथ मोटिवेशनल सेमिनार
- “Options Queen” और “She-Wolf” जैसे नामों का इस्तेमाल
- और टारगेट किया गया – मिडिल क्लास, हाउसवाइव्स और रिटायर्ड लोग
“अब अस्मिता पटेल ने लोगों को कैसे फंसाया यह जानने से पहले, हमें शेयर मार्केट को समझना होगा।”
शेयर मार्केट क्या है? (What is Share Market in Simple Hindi)
शेयर मार्केट या स्टॉक मार्केट वो जगह है जहाँ कंपनियों के शेयर (हिस्सेदारी) खरीदे और बेचे जाते हैं। इसे इक्विटी मार्केट भी कहा जाता है।
🧩 आसान भाषा में समझें:
- जब किसी कंपनी को बिज़नेस बढ़ाने के लिए पैसे की ज़रूरत होती है, तो वो अपने हिस्से यानी “शेयर” पब्लिक को बेचती है।
- लोग इन शेयरों को खरीदते हैं ताकि उन्हें उस कंपनी में थोड़ी सी मालिकाना हिस्सेदारी (ownership) मिल सके।
- ये शेयर फिर शेयर मार्केट में खरीदे और बेचे जाते हैं।
📍 उदाहरण से समझें:
मान लीजिए एक कंपनी है – ABC Ltd.
- इस कंपनी को ₹10 करोड़ की ज़रूरत है।
- वो अपने 10 लाख शेयर, ₹100 प्रति शेयर के हिसाब से बेचती है।
- अगर आप उस कंपनी का एक शेयर खरीदते हैं, तो आप उसके छोटे से शेयरहोल्डर बन जाते हैं।
- आपके पास उस कंपनी में हिस्सेदारी होगी:
(1 ÷ 10,00,000) × 100 = 0.0001%
यानी आपकी उतनी प्रतिशत हिस्सेदारी हो जाती है।
🏛 भारत के प्रमुख शेयर बाजार:
1. BSE – बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज
👉 एशिया का सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज, 1875 में स्थापित हुआ था।
2. NSE – नेशनल स्टॉक एक्सचेंज
👉 भारत का सबसे बड़ा और टेक्नोलॉजी-बेस्ड एक्सचेंज, 1992 में स्थापित हुआ।

अस्मिता पटेल ने स्कैम कैसे किया? How Did Asmita Patel Scam
अस्मिता ने लोगों से कहा:
“अगर तुम रेस्टोरेंट में ₹50 लाख लगाते हो, तो क्या गारंटी है कि कमाओगे?
मेरा कोर्स लो – महीने की गारंटीड इनकम पाओगे।”शेयर मार्केट में जल्दी अमीर बनने का सपना हर कोई देखता है, और कुछ लोग इसी सपने का फायदा उठाकर लोगों को धोखा देते हैं। ऐसा ही एक मामला था Asmita Patel का, जिनके MPAT 16 और MPAT 17 नामक कोर्सेस ने सैकड़ों लोगों की ज़िंदगियाँ प्रभावित कीं।
कोर्स का लालच और प्रलोभन
Asmita Patel ने लोगों को यह कहकर आकर्षित किया कि अगर आप एक सफल ट्रेडर बनना चाहते हैं, तो आपको उनके “LMIT” जैसे शुरुआती कोर्स करने होंगे। यह सिर्फ 3 दिन का कोर्स था, जिसकी कीमत ₹7000 थी। लेकिन इसके बाद मुख्य कोर्स यानी MPAT लेना ज़रूरी बताया जाता था।
Asmita दावा करती थीं कि उन्होंने अपने “प्रोप्रायटरी सिस्टम” के ज़रिए ₹140 करोड़ के एसेट्स को मैनेज किया है। लेकिन जब SEBI ने इसकी जाँच की, तो पाया कि उनका असली नेट प्रॉफिट सिर्फ ₹12 लाख था।
इतना ही नहीं, उन्होंने कई लोगों को यह कहकर आकर्षित किया कि उन्होंने 30 लाख लगाकर 3 करोड़ कमाए हैं। इस तरह के दावों से लोगों को आसानी से यकीन हो गया।
कोर्स की कीमत और धोखाधड़ी
MPAT कोर्स के लिए ₹7,00,000 चार्ज किया गया, और 18% GST जोड़ने के बाद यह राशि बढ़कर ₹8,26,000 प्रति छात्र हो गई। जिनके पास पैसे नहीं थे, उन्हें लोन लेने के लिए कहा गया। कुछ लोग आज भी EMI भर रहे हैं – करीब ₹10 लाख रुपये तक के लोन की किश्तें।
⚠️ सिर्फ एक घटना नहीं – कई ज़िंदगियाँ बर्बाद
यह केवल एक व्यक्ति की कहानी नहीं है। कई लोग शेयर मार्केट में जल्दी पैसा कमाने के चक्कर में सब कुछ खो चुके हैं।
- नासिक में एक व्यक्ति ने 16 लाख का नुकसान उठाने के बाद मंदिर में जाकर आत्मदाह कर लिया।
- नालासोपारा (मुंबई) में एक बाप-बेटे ने शेयर मार्केट में नुकसान के बाद आत्महत्या कर ली।
🧾 कुल कमाई और ठगी का तरीका
Asmita Patel ने कुल 678 छात्रों से ₹104.6 करोड़ की राशि इकट्ठा की।
हर छात्र से औसतन ₹8.26 लाख वसूले गए।
सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि किसी भी कोर्स में रिफंड पॉलिसी उपलब्ध नहीं थी।
जो वादे किए गए – जैसे “नो लॉस स्ट्रैटेजी”, “गारंटीड मंथली इनकम” – वो हकीकत में पूरे नहीं हुए।
❌ न कोई सही जानकारी, न रिकवरी
SEBI की रिपोर्ट में यह साफ कहा गया कि इन कोर्सेस के ज़रिए छात्रों को न तो सटीक ट्रेडिंग नॉलेज दी गई, और न ही उनके नुकसान की भरपाई हुई। यह सब गुमराह करने वाले और फर्जी तरीकों से किया गया।

अस्मिता पटेल घोटाला: शिक्षा या धोखा? Asmita Patel Scam: Education or Deception?
कोर्स फीस के जरिए धन संग्रह
Revenue Collection Through Course Fees
अस्मिता पटेल ने “लेट्स मेक इंडिया ट्रेड” (LMIT), “मास्टर्स इन प्राइस एक्शन ट्रेडिंग” (MPAT) और “ऑप्शन्स मल्टीप्लायर” (OM) जैसे कोर्सेस के ज़रिए लगभग ₹104 करोड़ की भारी-भरकम फीस वसूली। ये रकम उनकी कंपनियों – किंग ट्रेडर्स, जेमिनी एंटरप्राइज और यूनाइटेड एंटरप्राइजेज – के बैंक खातों में ट्रांसफर करवाई गई थी।
सेबी को 42 निवेशकों की शिकायतें मिलीं, जिनमें बताया गया कि अस्मिता पटेल की सलाह पर ट्रेडिंग करने से उन्हें भारी नुकसान हुआ। कई लोगों ने लाखों रुपये गंवाए, तो कुछ लोग कर्ज में डूब गए। कुछ मामलों में तो मानसिक तनाव इतना बढ़ गया कि आत्महत्या तक की सोच बन गई।
शिकायतकर्ताओं का कहना था कि कोर्स में जो जानकारी दी गई, वह या तो अधूरी थी या पहले से ही इंटरनेट पर मुफ्त में उपलब्ध थी। कोई ठोस ट्रेडिंग स्किल्स सिखाई ही नहीं गईं।
सेबी की कार्रवाई SEBI’s Action

6 फरवरी 2025 को सेबी ने एक अंतरिम आदेश जारी कर अस्मिता पटेल, उनके पति और तीन फर्मों को सिक्योरिटीज मार्केट से बैन कर दिया। ₹53.67 करोड़ की अवैध कमाई को जब्त किया गया, और बाकी ₹104.6 करोड़ की वसूली के लिए नोटिस जारी किया गया। साथ ही, अस्मिता को अपने प्रमोशनल कंटेंट – यूट्यूब वीडियो, टेलीग्राम मैसेजेस आदि – हटाने का आदेश भी दिया गया।
घोटाले की असली प्रकृति \ True Nature of the Scam
अस्मिता पटेल ने अपनी ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी को एक “मैकेनिकल प्रोसेस” बताया, जो बिना किसी इंडिकेटर या पैटर्न के काम करती थी। लेकिन सेबी की जांच में यह साफ हुआ कि यह प्रणाली केवल कोर्स बेचने का माध्यम थी, न कि कोई असली ट्रेडिंग स्किल। उन्होंने निवेशकों को गलत सलाह दी – जैसे नौकरी छोड़कर फुल-टाइम ट्रेडिंग करना या कर्ज लेकर ट्रेडिंग शुरू करना – जो अत्यंत गैर-जिम्मेदाराना था।
सामाजिक और नियामक प्रभाव \Social and Regulatory Impact
यह मामला केवल एक वित्तीय घोटाले तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह दर्शाता है कि कैसे अनियंत्रित सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स निवेशकों को गुमराह कर सकते हैं। इस केस के बाद सेबी ने फाइनेंशियल इन्फ्लुएंसर्स पर नियंत्रण के लिए कई नए नियम लागू किए हैं। साथ ही, सेबी की देर से हुई कार्रवाई पर भी सवाल उठे हैं।
बिना रजिस्ट्रेशन के निवेश सलाह
SEBI ने कहा है कि अस्मिता पटेल और उनकी कंपनी Asmita Patel Global School of Trading (APGSOT), साथ ही अन्य तीन फर्म—King Traders, Gemini Enterprise, और United Enterprises—ने बिना SEBI से रजिस्ट्रेशन लिए निवेश सलाहकार और रिसर्च एनालिस्ट की सेवाएं दीं। ये सीधा नियमों का उल्लंघन है।SEBI के अनुसार, इन संस्थाओं ने कुल ₹104.6 करोड़ रुपये की फीस वसूली है। इसमें से फिलहाल ₹53.67 करोड़ को SEBI ने जब्त (impound) कर लिया है। SEBI ने बाकी रकम पर भी नज़र रखी हुई है और ज़ब्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।
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